Timeline : 2007-2009

Character : Inspector Steel (Raj Comics)
Genres – Action, Adventure, Crime, Sci-Fi
Writer : Mohit Sharma (Trendster/Trendy Baba)
Artist – Sourabh (Andha Raksha)

1. अॊधा यऺक

कबी जो छुऩे अऩयाध औय अऩयाधधमों को ऩकड़ रेता था....आज अऩने

साभने हो यहे जघन्म अऩयाधो को अनदे खा कय यहा है..कबी जो फ़र्ज़ के
लरए भय लभटने को तत्ऩय यहता था....आज अऩने साभने भासूभो को
भयते दे ख यहा है ..क्मा अॊधा हो गमा है हभाया यऺक??
"याजनगय दै ननक" की ऩहरे ऩन्ने की भुख्म खफय.
सयफपया हुआ याजनगय का यखवारा..

याजनगय की फ़र्ज़ की भशीन कहे जाने वारे सुऩय कॉऩ इॊस्ऩेक्टय स्टीर
के व्मव्हाय भे कर अजीफ सा फदराव दे खा गमा. वो फड़े अऩयाधो को

नर्जयॊ दार्ज कयते हुए भाभूरी अऩयाध भे दोषी रोगो को ऩकड़ने भे जीजान से रगे हुए थे. कर शहय बय भे जुम्फा नाभक अऩयाधी औय उसके
गैंग का आतॊक यहा. उस गैंग के रूट-ऩाट, हत्मा, अऩहयण, जैसे कुछ
सॊगीन अऩयाध तो खुद इॊस्ऩेक्टय स्टीर के साभने हुए....ऩय इॊस्ऩेक्टय

स्टीर साधायण मातामात ननमभो को तोड़ने वारे व्मक्क्तमों के चारान
काटने भे भशगूर यहे . महाॉ तक की उनके डय से उनसे फचकय बागते
फाइक सवाय एक मुवक की फाइक के टामयों ऩय इॊस्ऩेक्टय स्टीर ने

गोलरमाॊ चरामी क्जस वजह से सॊतुरन खोकय वो फाइक सवाय गॊबीय रूऩ
से घामर हो गमा. खफय मे बी लभरी है की साव़जननक स्थानों ऩय फहस
कयते मा धूम्रऩान कयते रोगो से उन्होंने बायी चारान लरमा औय चारान
का बुगतान ना कयने वारो को तुॊयत धगयफ्ताय कय लरमा. कर की
घटनाओ से शुब्ध याजनगय के डडप्टी कलभशनय श्री याघव याभ ने

इॊस्ऩेक्टय स्टीर को फखा़स्त कयने की लसपारयश कयते हुए ऩुलरस
भुख्मारम भे अऩनी रयऩोट़ सोंऩी है . सम्फॊधधत धचत्र, खफयें औय इस
भाभरे भे ववशेषऻों की याम स्थानीम ऩन्ने ऩय दे खे.
अॉधा यऺक याजनगय भे कदभ यखा था एक इॊटयनेशनर डॉन जम्
ु फा ने. जम्
ु फा के

साथ था उसका ऩयू ा गैंग जो याजनगय से बायत बय को रूटने औय महाॉ
आतॊक पैराने के अभबमान की शुरुआत कय चक
ू ा था. ऩय जम्
ु फा औय

उसके गैंग की याह भे हय फाय आ जाता था इॊस्ऩेक्टय स्टीर. उसके गैंग

के फहुत से सदस्म स्टीर द्वाया ऩकडे जा चक
ु े थे. जम्
ु फा बायत औय महाॉ
के अऩयाध ववनाशको से अनजान था इसभरए वो स्टीर से सीधा नहीॊ

भबड़ना चाहता था.
जम्
ु फा ने बायत बय भे ककसी अऩयाधधक प्रकर्ति वारे अद्भत
ु शक्क्तधायक
इॊसान की तराश शरू
ु कय दी.....जम्
ु फा की तराश अऩने आऩ ही ख़त्भ

हो गमी जफ ददल्री से बागा फवु िऩरट उसे याजनगय भे रोगो को अऩने
वश भे कयके अनोखे अऩयाध कयता भभर गमा. स्टीर के भौके ऩय

ऩहुॉचने से ऩहरे जम्
ु फा फवु िऩरट को सभझा कय अऩने अड्डे ऩय रे
आमा.

यास्ते भे जम्
ु फा ने फवु िऩरट को अऩना ऩरयचम दे ते हुए उसके अतीत के
फाये भे जाना.....जम्
ु फा को रगा की फवु िऩरट के दभ ऩय वो एक झटके
भे स्टीर नाभक अऩनी सफसे फड़ी सभस्मा से ऩाय ऩा सकता है . अऩने

अड्डे ऩय रे जाने के फाद जम्
ु फा ने फवु िऩरट को अऩनी मोजना सभझाई.
मोजना के तहत फवु िऩरट को स्टीर के ददभाग को अऩने कब्जे भे रेना
था. फवु िऩरट शहय भे अऩयाध कयना शरू
ु कयता है औय जल्द ही स्टीर
उस तक ऩहुॉचता है . मोजना अनस
ु ाय फवु िऩरट अऩनी भानभसक तयॊ गे
स्टीर ऩय छोड़ता है .....ऩय उसके ददभाग ऩय काफू नहीॊ कय ऩाता. उसे

भहसस
ू होता है की स्टीर के शयीय भे रगे "जैभय" डडवाइस से र्नकर

यही तयॊ गो की वजह से उसकी भानभसक तयॊ गे स्टीर के ददभाग तक ऩयू ी
तयह नहीॊ जा यही. ऩय फवु िऩरट की भानभसक तयॊ गो की वजह से स्टीर
के ददभाग भे असहनीम ददि हो यहा था. कपय बी स्टीर फवु िऩरट को

जकड रेता है .....क्स्थर्त ऩय नज़य यख यहा जम्
ु फा भौका दे ख कय ऩभु रस
इन्पोसिभेंट आने से ऩहरे फवु िऩरट को स्टीर से छुड़वा कय पयाय हो
जाता है .

जम्
ु फा की सभझ भे नहीॊ आ यहा था की आखखय फवु िऩरट इॊस्ऩेक्टय
स्टीर को अऩने कब्जे भे क्मों नहीॊ कय ऩामा. तफ फवु िऩरट ने उसे
कायण फतामा.

फवु िऩरट - भैंने उसके ददभाग ऩय अऩनी भानभसक तयॊ गो से कब्ज़ा कयने
की कई कोभशशें की रेककन उसके शयीय से र्नकर यही अजीफ से तयॊ गे
भेयी तयॊ गो को उसके ददभाग तक ऩहुॉचने से योकती यही....भाफ़ कयना
जम्
ु फा शामद भै तम्
ु हाये काभ का आदभी नहीॊ हूॉ.

जम्
ु फा - तुभ फहुत काभ के हो....इस नाकाभी भे तुम्हायी कोई कभी नहीॊ
है....मे हाय हभे इसभरए भभरी है क्मोकक स्टीर के फाये भे हभ ज्मादा

नहीॊ जानते....तुम्हायी भानभसक तयॊ गो भे अवयोध स्टीर के शयीय भे रगे

जैभय नाभक मॊत्र से र्नकर यही तयॊ गे ऩैदा कय यही थी. अफ हभे मोजना
भे थोडा सा फदराव कयना होगा.

जम्
ु फा अऩनी फदरी हुई मोजना फवु िऩरट को सभझाता है .
जम्
ु फा - स्टीर के अन्दय से जैभय को र्नकरना तो नाभभ
ु ककन सा काभ

है ऩय हाॉ जैभय की ककयणों को कॊु द ककमा जा सकता है ....इस फीच तुम्हे
अऩनी ककयणों से उसकी ददभागी सॊयचना को भेये फतामे र्नदे शों के

अनस
ु ाय फदरना होगा. अगय वो अफ हभाया गर
ु ाभ नहीॊ फन सकता तो

फाद भे फेफस होने ऩय अऩने-आऩ हभाये तरवे चाटे गा....क्मा ऩता वो इस

फाय ददि सह ना ऩाए औय उसके ददभाग की कोभशकाएॊ भत
ृ हो जाए क्जस
से वो भाया जाए....दोनों ही क्स्थर्तमाॊ हभाये ऩऺ भे होंगी...हा हा हा

हा....भगय भै नहीॊ चाहता की स्टीर को फेफस कयने से ऩहरे हभाया औय

ज्मादा नक्
ु सान हो....शहय भे ऩभु रस औय ध्रव
ु हे बेस
ु सकिम हो गए है तम्
फदर कय स्टीर तक ऩहुॊचना होगा..धचॊता भत कयना भै औय भेया ऩयू ा
गैंग तुभसे ज्मादा दयू नहीॊ होगा.
मोजना के अनस
ु ाय वो अऩनी स्ऩेशर काय से यात्रत्र गश्त कय यहे
इॊस्ऩेक्टय स्टीर का यास्ता योकते है .

फवु िऩरट - रुक जा स्टीर....तेया सफ़य अफ महीॊ ख़त्भ होता है .
इॊस्ऩेक्टय स्टीर - भुझे उम्भीद थी की हभाया कपय से आभना-साभना

होगा. ऩभु रस ये कॉड्िस भे तम्
ु हाये फाये भे भै सफ जान चक
ू ा हूॉ फवु िऩरट.
वैसे भै तुम्हाया एक फात के भरए धन्मवाद दे ना चाहता हूॉ.
फवु िऩरट - वो ककस फात के भरए....?
इॊस्ऩेक्टय स्टीर - भुझसे भभरने के भरए तुभने शहय भे अऩयाध कयने के

फजामे भेये गश्त कयने के यास्ते ऩय इॊतज़ाय ककमा....तम्
ु हे अये स्ट कयने के
फाद भै तुम्हायी सजा इस फात ऩय एक-दो भहीने कभ कयवाने की
भसपारयश करूॉगा.

फवु िऩरट - शहय वारो ऩय भै अऩना असरी कहय फाद भे
फयऩाऊॊगा..अबी तो भेया भशकाय तू फनेगा.

तबी जम्
ु फा के गैंग का एक आदभी स्टीर की तयप एक खास गन से

ननयॊ तय फकयणों का वाय कयने रगता है औय स्टीर को असर दनु नमा के

साथ-साथ असहनीम आवाजों के साथ अजीफ सी आकृनतमाॉ ददखने रगती

है क्जस से स्टीर अऩना ध्मान एक जगह केक्न्ित नहीॊ कय ऩाता. स्टीर

को एहसास होता है की उन फकयणों से उसके जैभय का असय बी कभ हो
गमा है . वो असहनीम आवाजें स्टीर को अऩना सय ऩकड़ने ऩय भजफयू
कय दे ती है.

फवु िऩरट - भैंने तो तेये कई फकस्से सुने थे इॊस्ऩेक्टय....औय तू तो भेये
वाय से ऩहरे ही फेफस हो गमा.

फवु िऩरट अऩनी भानलसक फकयणे स्टीर ऩय छोड़ता है ...औय स्टीर का

दद़ तो जैसे कई गुना फढ़ जाता है ....कयाहता हुआ स्टीर अऩने भॉह
ु के
फर र्जभीन ऩय आ धगयता है....ददभाग ऩय ऩद यहे जोय औय अत्मधधक

दफाव के दद़ से तड़ऩता हुए स्टीर का बायी-बयकभ शयीय र्जभीन ऩय ऩड़ा
झनझना यहा था जैसे उसे लभगी का दौया ऩड़ा हो. सड़क से टकयाते
स्टीर की आवार्ज फता यही थी की स्टीर का ददभाग फकसी बी वक़्त
उसके 450 फकरो वर्जनी शयीय का साथ छोड़ सकता है . स्टीर अऩने

डेशफोड़ ऩय फड़ी भुक्ककर से हयकत कयता है औय....उसकी काय जम्
ु फा के
उस आदभी को र्जोयदाय टक्कय भायती है जो स्टीर ऩय रगाताय फकयणों
का वाय कय यहा होता है..उसकी गन बी काय के नीचे आकय ऺनतग्रस्त
हो जाती है ..स्टीर का दद़ कुछ कभ होता है ऩय फवु िऩरट अऩनी

भानलसक फकयणे छोड़ना जायी यखता है ..स्टीर अऩने दहरते हुए हाथो से
अॊदाजा रगा कय फवु िऩरट के दोनों हाथो औय ऩैयो ऩय गोलरमाॊ चराता

है....गोलरमाॊ सही ननशानों ऩय फवु िऩरट के दोनों हाथो औय दोनों ऩैयो ऩय
रगती है . फवु िऩरट चीत्काय भाय कय र्जभीन ऩय धगय जाता है....ऩय फपय

बी स्टीर ऩय फकयणे छोड़ना जायी यखता है ..दोनों ही दद़ से तड़ऩ यहे होते

है..स्टीर सड़क ऩय यें गता हुआ फवु िऩरट तक ऩहुॉचने की कोलशश कयता
है ऩय फवु िऩरट उस से कापी दयू था....तफ स्टीर फपय अऩने डेशफोड़ ऩय
उॉ गलरमाॉ पेयता है औय उसकी काय उसके फगर भे आकय रुक जाती

है....स्टीर खडा होकय अऩनी काय भे चढ़ नहीॊ सकता था....वो हाथ फढा
कय काय का दयवार्जा खोरता है औय काय की सीट के नीचे हाथ पसा

कय काय के साथ नघसटता हुआ फवु िऩरट के ऩास ऩहुॉचता है औय उसके
ऩास यें गता हुआ अऩनी ऩयू ी शक्क्त जट
ु ाकय उसके सय ऩय अऩने हथोडे से
बायी हाथ का वाय कयता है .....फवु िऩरट फेहोश हो जाता है....औय उसके
फगर भे फेजान स्टीर ऩड़ा होता है ....क्जसका ददभाग शामद दफाव से
अॉधेये भे डूफ चक
ू ा था.

जम्
ु फा फवु िऩरट तक ऩहुॉचने की सोचता है की तबी उसे दयू से आता
बायी ऩभु रस फर ददखता है जो शहय भे हो यहे अऩयाधो से ऩयू ी तयह
सकिम था. जम्
ु फा अऩने गैंग के साथ वहाॊ से पयाय हो जाता है .

ऩभु रस ने फवु िऩरट को धगयफ्ताय कय भरमा.... फाद भे हुए डाक्टयी
ऩरयऺण भे ऩता चरा की सय ऩय हुए ज़ोयदाय वाय से औय गोभरमाॊ रगने
से ज्मादा खन
ू फह जाने की वजह से फवु िऩरट "कोभा" भे चरा गमा है .

स्टीर को होश आमा औय वो अऩनी डमट
ू ी ऩय चरा गमा......मे जानकाय
जम्
ु फा र्नयाश था की फवु िऩरट की भानभसक तयॊ गो से स्टीर को कुछ
नहीॊ हुआ.

अगरी सुफह त्रफहाय से आमे कुछ भाकपमा औय गुॊडे याजनगय के दो फड़े
व्माऩारयमों का सये -आभ अऩहयण कयके रे जा यहे थे. उन्होंने इॊस्ऩेक्टय
स्टीर के फाये भे सन
ु ा तो था ऩय रारच वश वो रोग याजनगय भे

अऩयाध कयने आ ही गए. वो रोग याजनगय से गज़
ु य ही यहे थे की उन्हें

स्टीर योकता है .....अऩहयणकतािओ के ऩीछे रगी ऩभु रस सन्तष्ु ट हो जाती
की की आगे स्टीर ड्मट
ू ी ऩय तैनात है . कुछ दे य फाद सफको चौकाने

वारी खफय भभरती है की अऩहयणकताि पयाय हो गए है . स्टीर फताता है
की उसने अऩहयणकतािओ की गाडी को योका औय ओवय-स्ऩीडडॊग ऩय
चेतावनी दे कय उन्हें जाने ददमा. वैसे तो स्टीर को इस अऩहयण की

सूचना वामयरेस भसस्टभ से फहुत ऩहरे दे दी गमी थी.....ऩय सूचना तॊत्र
की गडफडी भानकय इस घटना को बर
ू ा ददमा गमा क्मोकक कोई बी मे
भानने को तैमाय नहीॊ था की इॊस्ऩेक्टय स्टीर से ऐसी गरती हो सकती

है. ऩय अगरे ददन अखफाय भे इस खफय को ऩढ़कय जम्
ु फा की फाॊछें खखर
गमी.

जम्
ु फा - "फवु िऩरट ने तो अऩना काभ ऩयू ा कय ददमा अफ भै अऩना काभ
शुरू कयता हूॉ."

जम्
ु फा अऩने गैंग के साथ फेधड़क याजनगय भे खुरे-आभ सॊगीन अऩयाध
कयने रगा जैसे उसने इॊस्ऩेक्टय स्टीर को भाय ददमा हो. एकसाथ इन
अऩयाधो से याजनगय भे सबी बमबीत औय स्टीर की नाकाभी ऩय

धचॊर्तत थे. अॊतत् जम्
ु फा स्टीर के साभने अऩने गैंग के साथ एक फैंक
डकैती कय यहा होता है . ऩय स्टीर उसे कुछ नहीॊ कहता औय सड़क ऩय

त्रफना हे रभेट के फाइक चरा यहे एक मव
ु क को योकने भे रग जाता है .
वो मव
ु क स्टीर को दे ख कय डय जाता है औय अऩनी फाइक की स्ऩीड

तेज़ कय दे ता है . ऩय स्टीर उसकी फाइक के ऩदहमों ऩय गोभरमाॊ भाय कय
उसे धगया दे ता है .....कपय स्टीर उस घामर मव
ु क को धगयफ्ताय कयके

कागजी कामिवाही भे रग जाता है....जफकक उसके साभने जम्
ु फा का गैंग
डकैती को अॊजाभ दे यहा होता है .

फैंक डकैती की खफय ऩय स्थानीम थाने की ऩभु रस वहाॊ आकय जम्
ु फा के
गैंग से भत
ु बेड कयने भे रग जाती है . ऩभु रस के भसऩाही जम्
ु फा के गैंग

के गुॊडों के अत्माधर्ु नक हधथमायों के आगे दटक नहीॊ ऩा यहे थे. स्टीर के
साभने कुछ ऩभु रस वारे शहीद हो गए थे ऩय इस सफ के फीच स्टीर
अगरी सड़क ऩय एक व्मक्क्त से फहस कयने भे रगा था.

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - भै तुम्हाया 500 रुऩमों का चारान काट यहा हूॉ.
व्मक्क्त - मे तो हद हो गमी....वहाॊ डकैती ऩड़ यही है ....भुझे इस ऩान की
दक
ू ान के ऩीछे छुऩने दो वना़ तुम्हाया तो कनस्तय वारा शयीय है ..तुम्हे

तो कुछ होने नहीॊ वारा ऩय भझ
ु ऩय तो गोलरमाॊ असय कयें गी....एक-दो
गोलरमाॊ तो महाॉ से गज
ु यी बी है ....

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - क्मा तभ
ु चारान बय यहे हो?
व्मक्क्त - भगय क्मों? भैंने फकमा क्मा है?
इॊस्ऩेक्टय स्टीर - तभ
ु साव़जननक स्थान ऩय धम्र
ू ऩान कयते हुए ऩकडे
गए हो....
व्मक्क्त - सय, भझ
ु े सफ
ु ह-सफ
ु ह लसगये ट ऩीने की आदत है ....भै तो कुयतेऩजाभे भे बफना ऩस़ लरए ननकरा था....भेये ऩास तो फस 9 रुऩमे थे

क्जनकी भैंने 2 लसगये ट खयीद री....भुझे भाफ़ कय दो सय गरती हो गमी.

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - तुम्हाये ऩास चारान बयने के ऩैसे नहीॊ है . भै तुम्हे
धगयफ्ताय कयता हूॉ.

अफ तक वहाॊ याजनगय ऩलु रस के डडप्टी कलभशनय याघव याभ आ चक
ु े थे

....क्जन्हें क्स्थनत के फाये भे जानने भे दे य नहीॊ रगी. वो गुस्से भे लसग्नर
तोड़ने ऩय रोगो का चारान काट यहे स्टीर के ऩास ऩहुॉचते है .

याघव याभ - इॊस्ऩेक्टय, शहय बय भे रूट-ऩाट भची है ....तुम्हाये साभने फैंक
डकैती हो गमी....तुम्हाये साथी ऩलु रसकभी भाये गए औय तुभ महाॉ ट्रे फपक
औय छोटे -भोटे अऩयाधो को काफू कय यहे हो....

धगयफ्ताय हुआ व्मक्क्त - अये सय जी भुझे तो इन्होने लसगये ट ऩीने ऩय
ही ऩकड़ लरमा.
इॊस्ऩेक्टय स्टीर - सय, फैंक डकैती, रूट-ऩाट, हत्मा मे सफ तो साधायण
अऩयाध है . भैंने आज ही दे खा की इस व्मक्क्त जैसे सॊगीन अऩयाधी

जगह-जगह बफना डये अऩयाध कय यहे है औय उन्हें ऩलु रस वारे बी कुछ
नहीॊ कय यहे ....इतने रोग लसग्नर तोड़ यहे है ऩय फकसी को धचॊता ही
नहीॊ....

याघव याभ - स्टीर तुभ ऩागर हो गए हो क्मा.....छोडो इस आदभी

को....औय मे फहस हभ फाद भे बी कय सकते है . इस वक़्त पयाय होते
जम्
ु फा के आदलभमों को ऩकडो.

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - सय, आई ऍभ सॉयी, फट मू आय अॊडय अये स्ट....आऩने

एक ऩलु रस वारे के काभ भे दखर ददमा है . आऩको ऩलु रस थाने से
र्जभानत लभर जामेगी.

याघव याभ - क्मा? तम्
ु हाया ददभाग तो ठीक है ....अफ तो भै तम्
ु हे सस्ऩें ड
कयवाकय ही दभ रॉ ग
ू ा.

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - अबी आऩ भेये साथ ऩलु रस स्टे शन चलरए.
इॊस्ऩेक्टय स्टीर साधायण अऩयाधो के तहत धगयफ्ताय ककमे गए रोगो के

साथ डडप्टी कभभशनय याघव याभ को स्थानीम ऩभु रस थाने रे आमा. उधय
शहय भे जम्
ु फा का कहय जायी था.

स्टीर की हयकतों की वजह से उसे तुॊयत प्रबाव से भसववर ऩभु रस से हटा
ददमा गमा. स्टीर के बववष्म ऩय ऩभु रस भख्
ु मारम भे ववचाय चर यहा
था. शहय बय भे अधिसैर्नक फारो की तैनाती हो गमी थी ऩय कपय बी
जम्
ु फा के अऩयाधो भे कभी नहीॊ आमी थी.

उस ददन के "याजनगय दै र्नक" के ऩहरे ऩन्ने की भख्
ु म खफय.
सयफपया हुआ याजनगय का यखवारा....

याजनगय की फ़र्ज़ की भशीन कहे जाने वारे सुऩय कॉऩ इॊस्ऩेक्टय स्टीर
के व्मव्हाय भे कर अजीफ सा फदराव दे खा गमा. वो फड़े अऩयाधो को

नर्जयॊ दार्ज कयते हुए भाभूरी अऩयाध भे दोषी रोगो को ऩकड़ने भे जीजान से रगे हुए थे. कर शहय बय भे जुम्फा नाभक अऩयाधी औय उसके
गैंग का आतॊक यहा. उस गैंग के रूट-ऩाट, हत्मा, अऩहयण, जैसे कुछ

सॊगीन अऩयाध तो खुद इॊस्ऩेक्टय स्टीर के साभने हुए....ऩय इॊस्ऩेक्टय
स्टीर साधायण मातामात ननमभो को तोड़ने वारे व्मक्क्तमों के चारान
काटने भे भशगूर यहे . महाॉ तक की उनके डय से उनसे फचकय बागते
फाइक सवाय एक मुवक की फाइक के टामयों ऩय इॊस्ऩेक्टय स्टीर ने

गोलरमाॊ चरामी क्जस वजह से सॊतुरन खोकय वो फाइक सवाय गॊबीय रूऩ
से घामर हो गमा. खफय मे बी लभरी है की साव़जननक स्थानों ऩय फहस
कयते मा धूम्रऩान कयते रोगो से उन्होंने बायी चारान लरमा औय चारान
का बुगतान ना कयने वारो को तुॊयत धगयफ्ताय कय लरमा. कर की
घटनाओ से शुब्ध याजनगय के डडप्टी कलभशनय श्री याघव याभ ने

इॊस्ऩेक्टय स्टीर को फखा़स्त कयने की लसपारयश कयते हुए ऩुलरस
भुख्मारम भे अऩनी रयऩोट़ सोंऩी है . सम्फॊधधत धचत्र, खफयें औय इस
भाभरे भे ववशेषऻों की याम स्थानीम ऩन्ने ऩय दे खे.

याजनगय से जड़
ु े हाईवे के एक सुनसान दहस्से ऩय एक जानी-ऩहचानी

आकृर्त चहर कदभी कय यही थी. मे असभॊजस भे ऩड़ा स्टीर था जो

आज योज़ की तयह अऩने गश्त नहीॊ कय यहा था. उसने हाईवे को शहय
की बीड़ से फचने के भरए औय अकेरे भे एक फाद एक हो यही अजीफ
घटनाओ को सभझने के भरए चन
ु ा था. आज ऩहरी फाय स्टीर के

ददभाग भे बावनाओ का सैराफ उभड़ यहा था. अऩने उच्च अधधकायीमों के
आदे शानस
ु ाय वो आज ड्मट
ू ी ऩय नहीॊ था. स्टीर को मे अॊदेशा तो था की
कहीॊ कुछ गड़फड़ है .....ऩय वो उस गड़फड़ को सभझ नहीॊ ऩा यहा था.

उसके ददभाग भे फाय-फाय मे तकि आ यहा था जफ वो अऩनी जानकायी के
दहसाफ से अऩना फ़ज़ि ठीक तयह से र्नबा यहा था तो सफ रोग उसे

गरत क्मों कह यहे थे. स्टीर इस बावनात्भक उथर-ऩथ
ु र से जल्द ही

फाहय आमा....औय ऩभु रस भख्
ु मारम को यवाना हो गमा.
भुख्मारम ऩहुॉच कय वो उसके बववष्म ऩय कई घॊटो से ववचाय औय फहस
कय यहे अधधकायीमों के साभने ऩहुॊचा औय अऩनी सपाई औय प्राथना
यखी.
इॊस्ऩेक्टय स्टीर - भझ
ु े ऩता है की अऩयाध योकने के भरए भै जो कय यहा
हूॉ वो कापी नहीॊ है.....अकसय एक अऩयाध योकते हुए भझ
ु े फतामा जाता
है की भै उस से कहीॊ फड़ा अऩयाध नहीॊ योक यहा.....भै भसपि छोटे -भोटे

अऩयाधो को योक यहा हूॉ.....कहीॊ कुछ गड़फड़ है ....औय इसका अॊदेशा भुझे
बी है ....भझ
ु े बायतीम सॊववधान, कानन
ू व्मवस्था औय आऩ सफ भे ऩयू ा

ववश्वास है ...औय भै हभेशा अऩने दे श की सेवा कयना चाहता हूॉ....इसभरए
जफ तक मे सभस्मा सुरझ ना जाए तफ तक भुझे फखािस्त...सस्ऩैंड ना
ककमा जाए.

एक अधधकायी - तो हभ क्मा कये इॊस्ऩेक्टय....हभाये ऩास औय क्मा
ववकल्ऩ है?

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - जो काभ भै ठीक से कय यहा हूॉ...कभ से कभ वो तो
भै एक ऩभु रस अधधकायी के रूऩ भे कय सकता हूॉ.....जफ तक मे सभस्मा
नहीॊ सर
ु झती तफ तक....आऩ भझ
ु े शहय की मातामात व्मवस्था औय
क्जरा न्मामरम की सुयऺा व्मवस्था भे र्नमक्
ु त कय दीक्जमे.

स्टीर की फात तकिसॊगत थी औय वैसे बी सबी अधधकायी स्टीर को इस
सभस्मा से र्नऩटने का अवसय दे ना चाहते थे. अगरे ददन स्टीर को

सफ
ु ह से शाभ क्जरा न्मामरम की सयु ऺा औय शाभ के कुछ घॊटो ट्रे कपक

सॉबारने की खफयों से याजनगय ही नहीॊ दे श बय के अखफाय बये हुए थे.
T.V. सभाचायों भे बी याजनगय की क्स्थर्त औय स्टीर की नमी
र्नमक्ु क्तमाॊ ददखाई जा यही थी. जम्
ु फा तो इन खफयों को दे ख कय ख़ुशी
से ऩागर हुआ जा यहा था.

अऩयाधो की फाढ़ से त्रस्त याजनगय वाभसमों के भन भे मे सवार कोंध

यहा था की याजनगय का दस
ू या यऺक सुऩय कभाॊडो ध्रव
ु कहाॉ है? कभाॊडो

पोसि के कैडेट्स जम्
ु फा के असीभभत गैंग से रोहा रे यहे थे ऩय याजनगय
भे ध्रव
ू गी औय स्टीर की नाकाभी ने दस
ू ये इराकों के
ु की गैयभौजद

अऩयाधधमों को बी याजनगय की तयप आकवषित कय ददमा था....मानी

छोटी-भोटी चोरयमों से रेकय फड़े सॊस्थानों भे रूट तक रगाताय हो यहे

अऩयाधो ने शहय की कानन
ू व्मवस्था को चयभया ददमा था. कभाॊडो पोसि
का कैप्टन ध्रव
ू ये
ु ववश्व के ककसी औय कोने भे धयती को ककसी दस

बमावह खतये से फचाने भे कुछ ददनों से जट
ु ा था....क्जस वजह से वो

याजनगय को जम्
ु फा के कहय से फचाने भे असभथि था. अऩने कैप्टन के
त्रफना रगाताय फढ़ते अऩयाधो को योकने भे जझ
ू यही कभाॊडो पोसि का
भनोफर धगयता जा यहा था.

ऩय शामद आज सूयज कपय से सही ददशा से र्नकरा था.....क्मोकक जम्
ु फा
के गैंग के कुछ गॊड
ु ों से बयी वैन का ऩीछा ट्रे कपक इॊस्ऩेक्टय स्टीर कय

यहा था. स्टीर को अऩने ऩीछे रगा दे ख वैन भे सवाय गुॊडों के होश उड़
गए....उन्होंने उस ऩय पामरयॊग की....औय जवाफ भे स्टीर ने अऩनी

सवविस रयवोल्वय के चाय पामसि से उनकी वैन के चायो टामसि को ऐसी

हारत भे कय ददमा की उनकी वैन अर्नमॊत्रत्रत होकय रुक गमी. वो सफ

अफ औय ज्मादा सॊघषि कयने की हारत भे नहीॊ थे. ऩभु रस ने उन्हें स्टीर
से अऩने कब्जे भे रेकय धगयफ्ताय कय भरमा औय उन्हें याजनगय की

ख़ास सुयऺा वारी नायका जेर के ऩास वारे द्वीऩ ऩय फनी नायका जेर
की नमी शाखा भे बेज ददमा गमा.

जम्
ु फा ने इस घटना को साधायण भाना ऩय अऩने साधथमों को सराह दी.
जम्
ु फा - डयने की कोई फात नहीॊ है ....स्टीर का ददभाग ठीक नहीॊ हुआ है .
स्टीर ने उन सफ को इसभरए ऩकडा क्मोकक उन्होंने भसग्नर तोडा
था....तो अफ से ध्मान यखना की कानन
ू की ककताफ का हय कानन
ू तोड़ो
ऩय कोई ट्रे कपक रूर भत तोड़ना क्मोकक शहय बय के ट्रे कपक ऩय स्टीर
ख़ास सी.सी.टी.वी. कैभयों से नज़य यखता है. औय अगय स्टीर तुम्हाये

ऩीछे ऩड़ गमा तो कपय सीधे नायका जेर.....याजनगय ऩभु रस स्टीर द्वाया
ऩकडे गए हभाये साधथमों को आसानी से तोहपे के रूऩ भे अऩनी कस्टडी
भे रे रेती है .

जम्
ु फा ने क्जस फात को नज़यॊ दाज़ कय ददमा था आज वो उसे फहुत बायी
ऩड़ी थी क्मोकक कुछ ही घॊटो के अन्दय ट्रे कपक इॊस्ऩेक्टय स्टीर ने शहय
भे अऩयाध कय यहे उसके रगबग साये गैंग को धगयफ्ताय कयके स्थानीम
ऩभु रस के हवारे कय ददमा था. जम्
ु फा तो जैसे आग फफर
ू ा हो गमा

था....अफ उसके गैंग भे 15-20 सदस्म यह गए थे. उसकी सभझ भे नहीॊ
आ यहा था की अचानक ऐसा कैसे हो सकता है की उसकी दहदामत के

फाद बी ट्रे कपक र्नमभो को तोड़ते उसके साये साथी धगयफ्ताय हो जाए.

फाद भे उसे ऩता चरा की उसके गैंग द्वाया अऩयाध भे प्रमोग भे रामी

गमी गाडड़मों भे से ककसी की नॊफय प्रेट नहीॊ थी तो ककसी भे सीट फेल्ट
ही गामफ थी.....ऐसे छोटे अऩयाधो के भरए स्टीर ने उसके साधथमों को
योका औय ऩभु रस को सोंऩ ददमा. महाॉ तक की जम्
ु फा के गैंग के

ज्मादातय साथी गाडड़मों से अऩयाध नहीॊ कय यहे थे उन्हें बी ककसी ना
ककसी ट्रे कपक र्नमभ के उल्रॊघन भे स्टीर ने धगयफ्ताय कय भरमा.

जम्
ु फा अफ जान चक
ू ा था की कोई स्टीर के ज़रयमे उसे औय उसके गैंग
को ऩकड़ने की कपयाक भे है . कोई स्टीर का इस्तेभार कानन
ू औय

याजनगय की यऺा के भरए कय यहा था.....ऩय आखखय वो था कौन?
तबी वहाॊ घामर हारत भे जम्
ु फा का एक वफ़ादाय तेजा ऩहुॉचता है . जो
उसे फताता है की शहय भे अऩयाध को र्नकरे उसके गैंग के गुॊडों के ऩीछे
कभाॊडो पोसि के कैडेट्स रग जाते है औय उन्हें ककसी न ककसी तयह ऐसे
अऩयाधो भे पसा दे ते है क्जनसे स्टीर उनको ऩकड़ने के भरए उनके ऩीछे
रग जाए. गैंग की गाडड़मों से नॊफय प्रेट औय सीट फेल्ट्स बी उन

कैडेट्स ने तफ गामफ की थी जफ सबी गुॊडे रूट के भरए गाडड़मों से फाहय
थे. तेजा ककसी तयह ऩभु रस कस्टडी से बाग कय आमा था. एक ही ददन
भे कभाॊडो पोसि द्वाया फाज़ी ऩरट जाने से जम्
ु फा र्तरभभरा गमा था
औय अफ उसका र्नशाना कभाॊडो पोसि थी.

कुछ सभम से आऩातकारीन क्स्थर्त के चरते कभाॊडो पोसि के सदस्मों ने
अऩने हे डक्वाटय को ही अऩना र्नवास फना भरमा था जहाॉ वो शहय भे

जर्ू नमय कैडेट्स को रगाताय ये गुरेट कय यहे थे औय खुद बी जम्
ु फा रुऩी
तूफ़ान का साभना कय यहे थे. स्टीर द्वाया जम्
ु फा के गैंग के ज्मादातय
गॊड
ु े ऩकड़ भरए जाने के फाद याजनगय भे अऩयाध रुक गए थे. शामद

जम्
ु फा बी अऩनी इस हाय से डय गमा हो.......इन्ही सफ फातों ने आज
कभाॊडो पोसि को थोडा पुसित औय साॊस रेने का सभम ददमा था. ये णु

अऩने घय जाने की जल्दी भे थी....क्मोकक वो थोडा वक़्त अऩनों के साथ
आयाभ से त्रफताना चाहती थी.

ये णु अबी कभाॊडो पोसि हे डक्वाटय से कुछ ही दयू आई होगी की उसऩय
ऩीछे से ककसी बायी चीज़ का वाय हुआ औय ये णु की आॉखों के साभने

कुछ ऩारो के भरए अॉधेया छा गमा. फेहोश सी होती ये णु ने अऩना स्भोक
फ्रेमय छोडा औय उसके चायो तयप धआ
ु ॊ छा गमा. कुछ दे य फाद जफ

धआ
ु ॊ छटा तफ अधि-फेहोशी भे ज़भीन ऩय कयाहती ये णु को अऩने हय तयप
जम्
ु फा औय उसके फचे हुए साथी ददखे.

जम्
ु फा - फड़ा अफ़सोस है भुझे की भैंने तेये सय को डोज़ दे दी इसभरए

आज तू ज्मादा उचर-कूद नहीॊ कय ऩाई. अफ सभम ऩयू ा हुआ रड़की. तेये
फाकी साधथमों को बी भै जल्द तेये ऩास भबजवा दॊ ग
ू ा......
जम्
ु फा अऩनी गन से ये णु को गोरी भायने की वारा था की उसकी गन

ऩय एक झटके से उसके हाथ से दयू जाकय धगयती है क्मोकक उस गन
ऩय ही ककसी ने र्नशाना साध कय गोरी भायी थी.
"सभम तो तेया ऩयू ा हो चक
ु ा है, जम्
ु फा."
आवाज़ की ददशा भे घभ
ू ा जम्
ु फा भसहय उठा.
"ओह, इॊस्ऩेक्टय स्टीर...भुझे अफ तक सभझ जाना चादहए था. मे सफ
तेया ककमा धया था....तू ठीक कफ हुआ?"

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - हाॉ, मे सफ भेयी औय कभाॊडो पोसि की सोची सभझी

यणनीर्त थी. फवु िऩरट से दस
ू यी भुतबेड के फाद भुझे सबी से मे ऩता

चरा की भै फड़े अऩयाधो को नज़यॊ दाज़ कय छोटे अऩयाधधमों को सख्ती से
ऩकड़ यहा हूॉ. जफकक भेये फाकी fuctions सही काभ कय यहे थे. भझ
ु े
सभझ नहीॊ आ यहा था की भेये शयीय भे मा ददभाग भे ऐसी क्मा कभी
है....जो भेये अरावा सफको ददख यही है? इस गड़फड़ को ठीक कयने के

भरए भझ
ु े सभम चादहए था औय इसका हर था की भै अऩने ददभाग की
सायी कानन
ू ी जानकायी, दॊ ड प्रावधान, बायतीम सॊववधान को दोफाया से

सभझॉू औय उनका सही िभ भे ऩारन करूॉ क्मोकक फवु िऩरट ने भेये

इॊसानी ददभागी को र्नशाना फनाकय उसभे दजि भसपि legal information की
सॊयचना फदरी थी ना की भशीनी शयीय की. इसभरए भैंने कुछ ददनों तक
क्जरा न्मामारम भे ड्मट
ू ी की. वहाॊ हय छोटे -फड़े केस ऩय उऩक्स्थत होने
से धीये धीये भुझे कुछ ददनों भे अऩयाधो औय उनके दॊ ड की सही

जानकायी ऩता चरी. ट्रै कपक इॊस्ऩेक्टय का काभ भैंने कभाॊडो पोसि की

सराह ऩय ककमा ताकक भै तुम्हाये जाने त्रफना तुम्हाये ज्मादा से ज्मादा

साधथमों को ऩकड़ सकॉू औय तुम्हायी ताकत कभ कय सकॉू . तेजा का तुभ

तक ऩहुॊचना औय ये णु का ऐसे कभाॊडो पोसि से छुट्टी रेकय जाना सफ
तम्
ु हे औय तम्
ु हाये फचे साधथमों को महाॉ राने की चार थी. अफ तभ
ु औय
तुम्हाया गैंग भुझे ककसी नक्
ु कड़ के गैंग से ज्मादा नहीॊ रग यहा क्जस से
कभाॊडो पोसि का अकेरा कैडेट बी र्नऩट सकता है .

जम्
ु फा - थू है तुझ ऩे स्टीर के योफोट...कहते है अऩने दश्ु भन को कबी
कभ नहीॊ आॊकना चादहए....क्मों...मे तुझे अबी ऩता रग जाएगा.

जम्
ु फा के आदभी आयाभ से हाथ फाॉध कय खड़े हो गए औय जम्
ु फा के

साभने आमे ऩीटय, कयीभ, ये णु औय फाकी कैडेट्स....जम्
ु फा के हरके वायो
से ही दयू जा धगये .

जम्
ु फा - आजा फ़ज़ि की भशीन तेये बी ऩज
ु े टाइट कय दॉ .ू ...हा हा हा.
इॊस्ऩेक्टय स्टीर जम्
ु फा की तयप फढा औय जम्
ु फा ने स्टीर ऩय एक

ज़ोयदाय प्रहाय ककमा क्जसको दे ख कय सफके होश उड़ गए. जम्
ु फा के इस

वाय से इॊस्ऩेक्टय स्टीर उड़ता हुआ दयू याजनगय से सटे सभुद्र भे जा
धगया...औय मे नज़ाया दे ख कय सबी कभाॊडो पोसि कैडेट्स के होंसरे ऩस्त
से हो गए.

जम्
ु फा - ककतनी आसानी से ख़त्भ कय सकता था भे स्टीर को औय कपय
बायत के फाकी हीयोज़ को भैंने पारतू भे ही ऩहरे महाॉ की क्स्थर्त औय
इन वऩदिमों की शक्क्तमों को जानने भे सभम नष्ट ककमा. मे था 450

kilo के कनस्तय को 4500 ककरो के आदभी का भुक्का. भैंने अऩने अन्दय

मे प्रणारी ववकभसत की है की भै अऩने साभने आमे दश्ु भन की शक्क्त से
असीभभर्त गन
ु ा ज्मादा शक्क्त अऩने शयीय भे रा सकता हूॉ. मे शक्क्त
भुझे हवा के कणों से भभरती है . भेये मॊत्र फता यहे है की महाॉ याजनगय
भे इस वक़्त हवा की भरभभट इतनी ही है मानी स्टीर की शक्क्त की

रगबग 10 गुना औय इन जोकयों की शक्क्त से 80-90 गुना ज्मादा शक्क्त

खद
ु भे सभेट सकॉू . अफ भेये शयीय भे मे भसस्टभ तफ तक Activate यहे गा
जफ तक कभाॊडो पोसि के मे चह
ू े न ख़त्भ हो जाए.

कभाॊडो पोसि के कैडेट्स ने हाय नहीॊ भानी थी औय वो जम्
ु फा का ध्मान

फॊटाते हुए उसके सबी साधथमों को घामर कय, फेहोश कय चक
ु े थे. ऩय
जम्
ु फा के साभने आने ऩय उन्हें ऩता था की वो एक हायी हुई रडाई रड़
यहे है .
जम्
ु फा के वायो से कैडेट्स उड़कय इभायतों, सड़क औय वाहनों से टकया यहे
थे. रडते रडते कैडेट्स अधभये हो गए...जफकक जम्
ु फा उनसे खेरने के

भूड भे था. सड़क ऩय कयाहते ऩीटय को कुचरने के भरए फढे जम्
ु फा ऩय
स्टीर का वाय हुआ क्जस से जम्
ु फा दठठका.

जम्
ु फा - आ गए...इॊस्ऩेक्टय साहफ! दे खखमे आऩके शहय भे कानन

व्मवस्था की क्मा हारत है ....कभाॊडो पोसि के कैडेट्स बी कुछ नहीॊ कय
ऩा यहे है .

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - इन सफको जाने दो....भझ
ु से रड़ो.
जम्
ु फा - ओह! तुभसे रडूॉ. हा हा हा...ठीक है ...ऩय एक शति ऩय, इनकी
जगह अफ भै तभ
ु से खेरॉ ग
ू ा...मे खखरोने तो एक दो वायो भे फोर
गए...दे खते है मे स्टीर का झन
ु झन
ु ा कफ तक फजता है .

जम्
ु फा के हरके वाय कानन
ू के उस स्टीरी स्तॊब को वऩचकाने रगे. स्टीर
का एक ऩैय उखाड़ ददमा जम्
ु फा ने....अफ स्टीर के अॊगो का सॊऩकि उसके
ददभाग से भशधथर होता जा यहा था. कयीभ से मे दे खा न गमा औय वो
तेज़ गर्त S.U.V. काय रेकय जम्
ु फा से जा टकयामा. क्जसके धक्के से
जम्
ु फा भरफे भे जा धगया. उसने स्टीर को सभझामा...

कयीभ - इॊस्ऩेक्टय! जम्
ु फा के अनस
ु ाय वो अऩने साभने वारे दश्ु भन की

उजाि की असीभभत गन
ु ा उजाि खद
ु भे हवा के कणों से खीॊच सकता

है....इस सभम महाॉ की हवा की सीभा तम्
ु हायी उजाि से 10 गन
ु ा ज्मादा है .
तुभ इसके साभने भत जाओ....

इॊस्ऩेक्टय स्टीर - अये वाह! क्मा फात फताई है ...अफ तो भझ
ु े उसके
साभने जाना ही ऩड़ेगा.

स्टीर ने अऩनी मोजना कयीभ को जल्दी से सन
ु ाई.
जम्
ु फा - चह
ू ों को दयू यख, स्टीर....वनाि सफको त्रफर भे घस
ु घस
ु कय
भारूॊगा. अबी तो भझ
ु े तझ
ु से 'रॊगड़ी' खेरनी है . उठ...

स्टीर जम्
ु फा के साभने आमा औय उसने अऩने डेशफोडि के कुछ फटन्स
दफामे...औय दोनों स्टीर औय जम्
ु फा फेजान शयीय ज़भीन ऩय आ धगये .

कयीभ ने तुयॊत ऩीछे से जम्
ु फा की आॉखों भे कुछ सभम के भरए आॉखों

की धभर्नमाॊ भसकोड़ कय अॉधा कय दे ने वारी दवाई डारी. कभाॊडो पोसि ने
जम्
ु फा को फाॉध ददमा. फदहवास जम्
ु फा धचल्रामा.
जम्
ु फा - मे क्मा ककमा तूने...मे क्मा हुआ....
कयीभ - तभ
ु ने ही तो ख़श
ु ी के भाये फतामा था कक तभ
ु अऩने साभने वारे
दश्ु भन कक असीभभत गुना उजाि हवा से रे सकते हो. ऩय अगय साभने

वारे कक उजाि ही शून्म हो जाए तो शून्म का असीभभत गुना बी शून्म
होता है . (0 * ∞ = 0) रो फातों फातों भे हभने तम्
ु हाये शयीय का स्कैन

कयके मे ऩता रगा भरमा है कक तुम्हायी उजाि का भूर तुम्हाये हाथ भे है
क्जसको हभ तुम्हाये शयीय से काट दे ते है....जम्
ु फा का दामा हाथ काट

ददमा गमा.
जम्
ु फा - नहीॊ.....आsssssss......फहुत ददि हो यहा है ...भुझे रगा तो था की

एक ना एक ददन ऐसा हो सकता है ...ऩय भै ऐसे नहीॊ भरूॉगा ऩयू े याजनगय
को साथ रेकय भरूॉगा. भैंने अऩना औय अऩने साधथमों का Multiple

Destruction Mode चरा ददमा है....अफ 10 भभनटस के अन्दय भै औय भेये

सबी साधथमों की कोभशकाएॊ इतनी फहुगुखणत हो जामेंगी की वो खतयनाक
न्मक्ू क्रअय फभो की तयह पटकय याजनगय औय आस ऩास के इराकों को
तफाह कय दें गे.

इतना कहते ही जम्
ु फा औय उसके साधथमों के शयीय र्नजीव होकय ज़भीन
ऩय धगय ऩड़े औय उन सफके शयीय चभकने रगे. स्टीर अफ तक खुद को
साभान्म कय चक
ू ा था.

स्टीर ने सायी क्स्थर्त सभझ री थी. उसने सबी र्नजीव गॊड
ु ों को अऩनी

नाइरो योऩ से फाॊध ददमा. औय 15 सेकॊड्स फाद वो फेजान शयीय स्टीर के
ख़ास हे रीकाप्टय भे जा यहे थे...क्जसभे नायका जेर की ददशा इॊस्ऩेक्टय
स्टीर ने पीड कय दी थी.

कयीभ - हभ इन फेजान शयीयो को महीॊ नष्ट कय सकते है ...
इॊस्ऩेक्टय स्टीर - मे तो कुछ नहीॊ, ऩय असरी ऩये शानी नायका जेर भे फॊद
जम्
ु फा के साथी है. इॊस्ऩेक्टय स्टीर ने नायका जेर के जेरय औय
अधधकायीमों को वामयरेस सॊदेश बेजा.

"नायका जेर भे चभकते शयीय वारे जम्
ु फा गॉग के धगयफ्ताय फेजान

सदस्मों को नायका के भख्
ु म द्वीऩ वारे जेर ऩय एकत्रत्रत कीक्जमे औय

आऩ स्ऩीड फोट्स भे जेर अधधकायीमों औय कैददमों को रेकय 3 भभनटस
के अॊदय सभुद्र का यास्ता ऩकडडमे क्मोकक जल्द ही भेया हे रीकाप्टय

आऩके भख्
ु म द्वीऩ से टकयाएगा क्जससे नायका का भख्
ु म द्वीऩ तफाह हो
जाएगा. शोक-वेवस आस-ऩास के सभुद्री इराकों भे बी जामेंगी. जल्दी

कीक्जमे! जफ आऩ रोग स्ऩीड फोट्स ऩय फैठ जाए तफ तुयॊत भुझे तुयॊत
सॊदेश कीक्जमे."

नायका जेर प्रशाशन ने तेज़ी ददखाई औय 2 भभनट्स 57 सेकॊड्स फाद ही

जेरय का सॊदेश स्टीर को भभर गमा. अफ तक नायका द्वीऩ के चक्कय
रगाता इॊस्ऩेक्टय स्टीर का ख़ास चोऩयि तयु ॊ त ही स्टीर के आदे शानस
ु ाय
नायका जेर के भुख्म द्वीऩ वारे जेर से टकयामा क्जसभे जम्
ु फा के

फेजान साथी ऩड़े थे. एक फड़े धभाके के साथ नायका जेर के ऩयखच्चे उड़
गए. तीन भभनट्स औय कुछ सेकॊड्स गज
ु यने की वजह से जम्
ु फा द्वाया

शुरू की गमी "Multiple Destruction Mode" प्रकिमा अऩने चयभ तक नहीॊ
ऩहुॉच ऩामी औय वो धभाका नायका जेर के आस ऩास के सभुद्री स्थान
तक सीभभत यहा.
घटना के फाद कभाॊडो पोसि तुयॊत शहय की कानन
ू व्मवस्था को सुधायने

के काभ ऩय रग गमी....औय अऩना शयीय ठीक कयने के फाद, स्टीर ने
कुछ घॊटे फाद ही अऩनी ड्मट
ू ी दोफाया ज्वाइन कय री. स्टीर को

ससम्भान साये ऩदक औय सम्भान वाऩस ककमे गए...औय उसे एक नए
सम्भान ववभशष्ट ऩभु रस ऩदक से सम्भार्नत ककमा गमा.

सभाप्त!!!!!!!!

2. Steel Reloaded / Inspector Defender

Aaj to jaise saari duniya ki nazarein aakash ki aur jami hui thi kyoki
Antriksh mey ek anokhi khagoliye ghatna ho rahi thi. Achanak se ek
bahut bada ulka pinnd antriksh mey prakat hua jo ab tez gati se dharti ki
taraf badh raha tha.
Kuch hi ghanto baad wo pinnd Prithvi se takrane waala tha. Sabhi desho
kay pratinidhiyon ki aapatkaalin baithak hoti hai jisme sab milkar uss
ulka pinnd ko antriksh mey hi nasht karne ki yojna banate hai.
Uss ulka pinnd par bahut se desh apne aadhunik astra chhodte hai. Par
har Computer Guided Weapon aur missiles ki disha apne aap hi uss Ulka
Pinnd se kuch kilometers ki doori par waapas dharti ki taraf mudd rahi
thi. Matlab saaf tha ki uss ulka pinnd se koi ya kuch prani unki taraf

badhte sabhi weapons ki Computer Programming badal rahe thay. Jis
wajah se wo weapons waapas prithvi ki taraf mudd rahe thay.
Kisi aise weapon ki zaroorat thi jo itni doori par nirantar speed aur disha
badalte huey uss ulka pinnd se takra sake. Koi insaani dimaag hi unn tak
hamla kar sakta tha jispar wo door se prabhaav naa daal sake. Tab ek
khaas antriksh yaan ko banaya jaata hai jo antriksh mey jaakar uss ulka
pinnd ko pehle to apne hamlo se kamzor kare aur phir uss ulka pinnd se
takra kar usse khatm kar de. Lekin koi sadharan insaan itna sab nahi kar
sakta tha. Uss yaan kay controls sambhalne kay liye Inspector Steel ko
chuna jaata hai kyoki uska mastiksh insaani tha. Ye ek aatmghati
mission tha yaani iski safalta ya asafalta dono mey hi Steel ki jaan jaani
thi. Lekin Inspector Steel duniya par aaye iss khatre ko mitaane kay liye
tayyar ho gaya.
Steel antriksh mey uss Ulka Pinnd par zordaar hamla karta hai aur phir
yaan kay saath uss se takra jaata hai. Ek zordaar dhamake kay saath wo
Ulka Pinnd nasht ho jaata hai aur Steel bhi yaan samet gayab ho jaata
hai. Duniya par mandrata khatra khatm ho jaata hai aur Sabhi desh Steel
ko shaheed ka darja dete hai.
Kich dino baad antriksh mey ek baar phir se waisa hi Ulka Pinnd dikhta
hai aur duniya bhar mey hadkamp mach jaata hai. Wo Ulka pinnd tezi
se dharti ki taraf badh raha tha. Ek baar phir se usse rookne kay saare
prayaas asafal ho gaye. Wo dharti kay kaafi paas aa gaya tha lekin
achanak usme ek dhamaka hua aur wo Ulka Pinnd tukdo mey bikhar kar
samapt ho gaya.
Kuch samay baad, Anees kay ghar par dastak hoti hai.
Anees - Kaun hai ?
"Anees mai hun."
Anees darwaza kholta hai.

Anees - A...Amar mere dost tum....tum zinda ho. Aur tumhara to roop hi
badal gaya....tum to insaan ban gaye.
Amar - Insaan nahi...insaan jaisa....mai ab bhi cyborg hun.
Phir Inspector Steel yaani Amar, Anees ko Ulka Pinnd se takrane ki aur
uske baad ki kahani sunata hai.
Amar batata hai ki jab iss Ulka Pinnd se pehle usse yaan kay saath
antriksh mey bheja gaya tha to usne apne hamlo se uss Ulka Pinnd ko
kamzor kar diya tha aur annt mey apna yaan lekar uss se takra gaya tha
jiske baad huey dhamake kay baad wo ek anjaan jagah hosh mey
aaya jahan wo bahut saare manav jaise lagne waale 2 Inches kay
praniyon se ghira hua tha. Inspector Steel ko apne zinda honay par
hairaani thi. Wo prani Inspector Steel kay dimaag mey saari jaankari
bhar dete hai. Tab usse pata chalta hai ki ye chhote buddhijeevi prani
apne grah 'Xontrax' se apradhik tatvo dwara bach kar aaye hai aur
Brahmand mey apne liye anukool doosra thhikana dhoondte huey prithvi
ki taraf badh rahe hotay hai. Ye dharti vaasiyon kay saare prayaas asafal
kar dete hai lekin Inspector Steel inke asthaai nivas Ulka Pinnd ko nasht
kar deta hai tab ye apne aapatkaalin yaano se Mangal Grah yaani Mars
kay jeevan kay liye kuch anukool elako par sharan lete hai. Inko rook
sakne waale akele prani se prabhavit ho kar ye Steel kay lagbhag marre
huey dimaag aur shatigrast shareer ko bhi ye surakshit apne saath le aate
hai. Tab ye Steel kay dimaag ka vishleshan karte hai aur uski memory
kay hisaab se apne planet kay wonder metal aur elements se ye Amar aur
Inspector Steel ka mila jula roop dobara viksit kar dete hai jisme ye
Amar ka dimaag transplant kar dete hai. Ab Cyborg Amar/Steel kay
paas apne hathiyaaro kay saath saath nayi shaktiyan bhi hai jaise.
1) - Apne lagbhag 7 feet lambe shareer ko 2 inches waale chhote roopo
mey badalne ki shamta. Yaani 42 chhote Inspector Steel.
2) - Paristhiti anusaar 'Liquid metal' mey badalne ki shamta.

3) - Ichchha anusaar kisi bhi doosre metal se apne shareer kay wonder
metal se alloy banana aur uska isteymaal hathiyaar banane ya dushmano
par karna.
4) - Ejectable explosives with limited range within his body. Wo isse last
option kay taur par dushmano se bachne kay liye isteymaal kar sakta hai.
(Changes, and modifications in powers are welcome. Please visit
Inspector Steel's Forum.)
Phir Steel inn saathiyon kay saath 'Xontrax' ki upadravi sarkaar se yuddh
karta hai aur unhe hara deta hai. Lekin kuch upadravi 'Xontrax' se bach
kar bhaag nikalte hai jo phir se ek Ulka Pinnd se prithvi par basne kay
liye uski aur badh rahe thay jinka peecha kar raha Steel uss Ulka Pinnd
ko nasht to kar deta hai lekin kuch upadravi 'Xontrax' vaasi prithvi kay
vayu mandal mey pravesh karne mey kaamyab ho jaate hai. Ab Prithvi
ko mil chuka hai ek naya rakshak Super-Cop Amar jiska naam rakha
gaya Inspector Defender. Jo ab sirf Rajnagar ki hi nahi balki duniya ki
bhi raksha karega aur saath hi duniya bhar mey unn dushman 'Xontrax'
kay apradhiyon ko dhoond kar khatm karega.

The End.

3. Badhti Tabahi

Bharat mey Nuclear energy ek bahut badi alternative energy source kay
roop mey ubhar rahi thi. Desh bhar mey Nuclear Reactors kay liye
durlabh Nuclear Fuel (Uranium, Plutonium, Thorium, etc) ki zaroorat ko
Rajnagar kaafi hadd tak poora kar raha tha. Rajnagar mey maujood
Nuclear fuel kay bhandaar par ek jaise manavo ka hamla ho gaya. Jo
bhaari maatra mey wahan se wo Nuclear fuel churana chahte thay.
Par unhe rookta hai Inspector Steel. Apni memory mey maujood Police
records mey Inspector Steel uss huliye waale lutero ki pehchaan
Gunakar urf Professor Richmond kay roop mey karta hai. Inspector Steel
ko pata chalta hai ki Gunakar kay partiroopo ko shakti dene waali
batteries ko nasht kar dene se uske partiroop apne aap nishkriye ho jaate
hai. Parmanu nay pehle aisa karke hi Gunakar par kaabu paaya tha.
Inspector Steel aisa hi karta hai aur Gunakar kay lagbhag sabhi

partiroopo ko khatm kar deta hai.
Lekin phir bhi bhaari sankhya mey honay ki wajah se kuch bache huey
roop Nuclear fuel ki thodi maatra le jaane mey safal ho jaate hai. Apne
gupt addey par Gunakar apne gundo kay shareero mey Nuclear Fuel ko
parishkrit karke pahunchata hai. Kuch dino baad shehar mey ek jaise
bahut se partiroop waale insaano (Gunakar kay saathiyo) ka hamla ho
jaata hai. Iss baar unn pratiroopo ki sankhya badhti hi jaa rahi thi aur
unhe power kay liye alag se kisi battery ki zaroorat nahi thi yaani battery
khatm ho jaane se roopo kay khatm ho jaane waali unki kami ab nahi thi.
Kyoki aise har pratiroop ko aseemit shakti dene kay liye Nuclear Fuel
kay kuch atoms ki zaroorat thi.
Rajnagar mey arajakta fhail jaati hai tab Police ko aise unmaadi
pratiroopo ko 'Shoot at Sight' kay orders mil jaate hai. Inspector Steel
aur Police jald hi inn pratiroopo ko khatm kar dete hai. Tab Police aur
Inspector Steel ko pata chalta hai ki jis vyakti se pratiroop nikal rahe hai
agar usse maar diya jaaye to uske baaki pratiroop bhi apne aap nishkriye
ho jaate hai.
Idhar Gunakar apni iss haar se tilmila jaata hai par ab uske paas bahut
kum maatra mey Nuclear Fuel bacha tha. Gunakar ko darr tha ki agar
usne ye parishkrit Nuclear Fuel khud par aazmaya to wo kabhi naa kabhi
maara jaayega......saath hi kisi aur sadharan insaan par iska prayog bhi
vyarth hai. Bahut sochne kay baad wo Nuclear Fuel ki wo maatra lekar
Inspector Steel se akela ladne pahunch jaata hai aur ek baar phir se apne
kuch battery waale roopo se shehar mey tabahi machane lagta hai.
Inspector Steel usse rookne kay liye pahunchta hai. Tab Steel se
mutbhed kay dauraan Gunakar uss Nuclear Fuel ko Inspector Steel kay
dimaag mey pahuncha deta hai.
Achanak, Inspector Steel kay dimaag kay D.N.A. kay anusaar Inspector
Amar waale manav partiroop uske shareer se apne aap nikalna shuru ho
jaate hai jo turant hi Gunakar kay isharo par shehar mey tabahi machane

lagte hai. Inspector Steel unse ladta hai par tab bhi lagataar uske shareer
se Amar kay roop nikalte jaa rahe thay.
Ab ek hi tareeka tha Inspector Steel ka apne dimaag kay saath poori
tarah nasht ho jaana tabhi uske saheer se Amar kay partiroop nikalna
bandh ho jaate. Steel ashayay nazar aa raha tha.......par tabhi Steel kay
pratiroop apne aap usme se nikalna bandh ho jaate hai. Inspector Steel
Gunakar ko adhmara karke giraaftaar karta hai. Gunakar jaan na chahta
tha ki aakhir kaise Steel nay khud mey se Amar kay pratiroopo ko
nikalne se bandh kiya. Tab Inspector Steel nay usse bataya ki usne apne
shareer kay andar hi special jammer rays ki madad se khud kay dimaag
kay unn hisso ko kuch dair kay liye nishkriye kar diya tha jo uske kisi
movement ko control karte thay. Yaani kuch dair kay liye Steel nay
khud ko Paralyze (Lakva grast) kar liya tha. Lekin uspar koi asar isliye
nahi pada kyoki uska baaki shareer insaani nahi machine ka tha. Phir
uske shareer nay uss parishkrit Nuclear Fuel ko locate karke uske
shareer se eject kar diya.
The End.

4. Galti Kiski

RAJNAGAR KI SADKO PAR DHRUV KI MOTORCYCLE TEZ RAFTAAR PAR DAUD
RAHI THI KI TABHI ACHANAK SAAMNE SE AARAHI AK AUR MOTORCYCLE SE
DHRUV KI BIKE TAKRA GAYI.
DHRUV-Dekh kar nahi chala sakte.........ooh Ins. Steel tum.
INS. STEEL-Sorry,Dhruv galti meri thi.....

DHRUV-(Formality nibhatey hue) Arre nahi-nahi galti to meri thi.....mai hi
dhyaan se nahi chala raha tha.
INS. STEEL-Mujhe maaf.........
DHRUV-Kaisi baatey kar rahe ho.....Maine kaha naa galti meri hi hai....mera
dhyaan bhatak gaya tha.
INS. STEEL-Haa,ab tum maan hi rahe ho ki galti tumhari hai to tumhaa chalaan
katega.
DHRUV-Arre lekin......chalaan.
INS. STEEL-Rs. 150 chalaan aur Rs.2000 meri bike ko hua nuksaan,ye lo receipt.
DHRUV-Ye sab policewaale ak jaise hotay hai.......ye lo.
KUCH DINO BAAD, DHRUV PHIR TEZ RAFTAAR PAR BIKE CHALA RAHA THA AUR
USNE AK CAR KO PEECHEY SE TAKKAR MAAR DI.
DHRUV-Ooh...no......Galti meri thi.
INS. STEEL CAR SE BAHAR NIKALTA HAI.
INS. STEEL-Tumne kuch kaha,Dhruv
DHRUV-OOh............mai keh raha tha ki galti tumhari thi.
INS. STEEL-Meri car mai cameras lage hai.......tum jhoot bol rahe ho.....
WAHA BHEED IKKHATI HO GAYI,INS. STEEL BHEED KO SUNANEY KAY LIYE AUR
TEZ CHILAANE LAGA.

INS. STEEL-.......aur tum ak zimmedaar nagrik ho...aur tumhe dekhkar chalani
chahiye......aur....aur......
DHRUV BHEED KO DEKHKAR NERVOUS HO GAYA.
DHRUV-Accha-accha Kitney ka nuksaan hua hai.
INS. STEEL-5000 Ka bas.....
DHRUV-Keede pade tere.....ye le.
INS. STEEL-.....Chalaan alag se.
KUCH DINO BAAD DHRUV APNE BETE RISHI KAY SAATH APNE SPECIAL
HELICOPTER, "STARCOPTER" MAI JAA RAHA THA.
DHRUV-Beta thode sincere bano apne papa ki tarah, tumhare exams
hai,revision jaldi kar liya karo.......dekho itni dair ho gayi ki tumhe Starcopter se
school chhodne jaana pad raha hai.Aage se mai ye bilkul bhi tolerate nahi
karunga.
RISHI-Papa.....please....give me a break....zyada nakhre mat dikhaiye.....Nana
kay helicopters har waqt tayaar rehte hai.
TABHI AK AAWAZ HUI...........
"GARAD....BHARANT......TRERSFARDDDD"
DHRUV-Ooh lagta hai humara starcopter kisi helicopter se takra gaya hai.
INS. STEEL TABHI UNKE HELICOPTER MAI KUDDA.
DHRUV-TUM YAHA KAISE.........

INS. STEEL-Mere hi Special Helicopter se tumhara Starcopter takraya....sorry
galti meri thi....mera helicopter to crash ho gaya par mai tumhare helicopter
mai koodne mai safal raha.
DHRUV-Ak...minute....Commando Kareem......Starcopter ki baatey record karte
rehna mai iss baar ak helicopter ko crash kane ka harzana nahi de paunga.Iska
tramsmission kisi regional television par bhi kar dena sabko pata chalna chahiye
ki galti meri nahi thi.
DHRUV-Ooh no Kareem,Autopilot kharab ho gaya hai,mummy....darr lag rahi
hai.
KAREEM-Captain,to aap khud chala lijiye.
DHRUV-Mujhe.....chalana kaha aata hai....wo to mai chalane ka natak karta
tha,sabpar style maarne kay liye.
RISHI-Papa,shame-shame.
INS. STEEL-Dhruv,shame-shame.
KAREEM-Hello,Captain,kya tum mujhe sun rahe ho
DHRUV-Haa,Kareem,Bolo
KAREEM-Shame-shame.
DHRUV-Aur koi chautha hai to wo bhi bol le.
KAREEM-Captain....starcopter wasie bhi kuch hi dair mai crash ho jaayega.
RISHI-Papa....mujhe..koodna hai....parachute dijiye....MERA SCHOOL AA GAYA.

DHRUV-Bilkul apni Mummy par gaya hai.Ye le parachute kood jaa.
RISHI-Papa...magar......
DHRUV-Mujhe kuch nahi sunna....door ho jaa meri nazaro se.....tu fail ho jaaye.
INS. STEEL-Tum kyu nai kood rahe,Dhruv.
Dhruv-Mujhe su-su lagi hai,neeche jaakar behosh ho gaya to...........yahi
starcopter mai kar leta hu.
INS. STEEL BHI PARACHUTE LEKAR KUDD GAYE............AK INSAAN KAY LIYE
BANE PARACHUTE PAR 450 KGS KA WEIGHT PADNE SE PARACHUTE PHAT GAYA
AUR INS. STEEL RISHI KAY SCHOOL KI BUILDING PAR JAKAR DWAST HO GAYE
AUR PHIR BUILDING KA DWAST HONA TO LAZMI THA.
RISHI-Yahooooo.....Thankyou uncle.......exam cancel.
DHRUV BHI PARACUTE LEKAR KOOD GAYE AUR KUCH GHANTO BAAD DHRUV
KO HOSPITAL MAI HOSH AAYA.
DHRUV-Mai kaha hu
DOCTOR- Ooho,ginti bhulva di ab phir se ginna padega ki tumhari kitni haadiya
tuti hai.
RISHI-Papa,ab kaisa lag raha hai
DHRUV-Beta,ye parachute hi kharaab thay......Steel bhi kuddte hi neeche chala
gaya aur mera parachute to khula hi nahi.
RISHI-Papa.....wahi to koodne se pehle mai aapko samjha raha tha.....mera
School bag wahi chhut gaya tha....aur aap mera school bag pehan kar kood gaye

thay.
INS. STEEL-Hello,Dhruv.
DHRUV-He.....llo.........tum itne chhotey kaise ho gaye
INS. STEEL- Ye to Anees nay mera temporary intezaam kiya hai ab
wo harzaane ki 5 crore ki rakam se hi mujhe poora karega.
DHRUV-Arre wah......kaun de raha hai harzaana.
INS. STEEL-Tum
DHRUV-Mai....par meri galti...nahi thi.....
INS. STEEL-Tumhari saari baatey regional channel aur phir national channel par
bhi telecast hui hai....tumhe helicopter chalana nahi aata phir bhi tum chala
rahe thay.
DHRUV-Aaj se mai paidal crime-fighting karunga!!!
The End!

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